सब मेनू
 

हमारा परिचय


रक्षा लेखा नियंत्रक चेन्नई एक ऐसा विशिष्ट संगठन है जो क्षेत्रीय नियंत्रक, अन्य श्रेणी नियंत्रक, पेंशन संवितरण नियंत्रक तथा प्रशिक्षण नियंत्रक का दायित्व निभाता है। .

               1 अक्तूबर 1951 में विभाग के पुनर्गठन के पश्चात, सेना लेखा नियंत्रक को रक्षा लेखा नियंत्रक का नाम दिया गया । वर्ष 1966 में रक्षा लेखा नियंत्रक (अ.श्रे.)दक्षिण को मैसूर से मद्रास स्थानांतरित किया गया । रक्षा लेखा नियंत्रक (अ.श्रे.)दक्षिण मद्रास, जेसीओ तथा ओआरएस के भुगतान की भूमिका तथा प्रकार्य कर रहा था। .

               जनवरी 1988 में बैंग्लोर तथा मद्रास स्थित रक्षा लेखा नियंत्रक के कार्यालयों को स्वाप किया गया और मद्रास के रक्षा लेखा नियंत्रक, क्षेत्रीय नियंत्रक की भूमिका निभाने लगे। वर्ष 1989 में आंचलिक कार्यालय (पेंशन संवितरण) मद्रास सहित दक्षिण भारत में स्थित 11 रक्षा पेंशन संवितरण कार्यालयों का प्रशासनिक नियंत्रण रक्षा लेखा नियंत्रक चेन्नई को सौंपा गया । इन पेंशन संवितरण कार्यालयों के माध्यम से करीब 1.11 लाख पेंशनभोगियों के पेंशन का संवितरण किया जाता है।

        वर्ष 1995 में विभाग के पुनर्गठन के पश्चात, क्षेत्रीय नियंत्रक के क्षेत्राधिकार के अधीन के वेतन लेखा कार्यालयों को क्षेत्रीय नियंत्रक के साथ मिला दिया गया जिसके परिणामस्वरूप वेतन लेखा कार्यालय(अन्य श्रेणी) रक्षा सुरक्षा कोर कन्नूर तथा वेतन लेखा कार्यालय(अन्य श्रेणी) मद्रास रेगिमेंटल केंद्र वेलिंग्टन को रक्षा लेखा नियंत्रक चेन्नई के नियंत्रणाधीन लाया गया।

क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र की मंजूरी 1997 में हुई (प्रयोजनात्मक क्षेत्रों जैसे पेंशन में प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा कम्प्युटर आधारित प्रशिक्षण पेकेजों तथा डिस्टन्स लर्निंग पेकेजों के लिए लौंचिंग पैड के रूप में भी उभरने के आदेश सहित ) तथा अप्रैल 1998 में इसकी शुरुवात हुई ।

रक्षा लेखा नियंत्रक चेन्नई के अधीन दक्षिण भारत के चार राज्यों के 19 स्थानों में 54 उप कार्यालय फैले हैं ।

Next -  हमारा इतिहास .......